ग्वालियर:जिले में फर्जी तरीके से पीएमटी पास करने के मामले में एफआईआर होने के लगभग 10 साल बाद इस मामले में अब सीबीआई ट्रायल कोर्ट में आरोप तय होंगे. साल 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सीबीआई जांच कराने के आदेश दिए थे, इसके बाद एसआईटी से केस सीबीआई को ट्रांसफर हो गया था.साल 2013 में ग्वालियर के थाना झांसी रोड में पहली बार दर्ज एफआईआर में डॉ. स्वाति पर मोनिका यादव के स्थान पर पीएमटी देने का आरोप लगा. माना जा रहा है कि जल्द केस की सुनवाई होगी और एक कांग्रेस विधायक और 9 डॉक्टरों मेत कुल 122 आरोपियों पर चार्ज लगाए जाएंगे.
प्रधान जिला न्यायाधीश के आदेश से केस विशेष ट्रायल कोर्ट सीबीआई पहुंचा.गौरतलब है जुलाई 2015 में सीबीआई ने व्यापम मामले मे केस दर्ज किया था और 5 दिसंबर 2020 को कोर्ट में चालान पेश किया गया, लेकिन 3 जुलाई 2025 को सीबीआई के मजिस्ट्रेट कोर्ट से केस कमिट हुआ और 26 जुलाई को प्रधान जिला न्यायाधीश के आदेश से केस विशेष ट्रायल कोर्ट सीबीआई पहुंचा.
आरोपियों में कांग्रेस विधायक के बेटे समेत 9 से ज्यादा डॉक्टर के नाम शामिल व्यापम केस में प्रमुख आरोपियों में विधायक फुंदेलाल के बेटे अमितेश, ग्वालियर नगर निगम अधिकारी अतिबल के बेटे अरुण समेत 9 से ज्यादा डॉक्टर शामिल है. इनमें स्वाति सिंह, विजय सिंह, उमेश बघेल, अभिषेक सचान, संजय वर्मा, सुधीर सिंह, उदय प्रताप सिंह, सुरेंद्र कुमार, हितेंद्र यादव, दीपक व राहुल यादव के नाम शामिल है
