
नीमच। नीमच में मंगलवार को महिला स्व-सहायता समूह महासंघ की सैकड़ों महिलाओं ने थालियां बजाते हुए अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं ने बेलन, चकला, बर्तन और गैस की टंकियां हाथों में लेकर शहर में पैदल मार्च निकाला और जोरदार नारेबाजी की। यह प्रदर्शन प्रधानमंत्री पोषण सनिर्माण (एमडीएम) योजना के अंतर्गत भोजन पकाने की निर्धारित राशि में बढ़ोतरी, मानदेय वृद्धि और लंबित भुगतान की मांग को लेकर किया गया।
महिलाओं ने डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर बताया कि वे स्कूलों में बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन तैयार करती हैं, लेकिन सरकार की ओर से मिलने वाली प्रति बच्चा भोजन लागत राशि बहुत कम है।मौजूदा समय में महंगाई के इस दौर में सामग्री के दाम दोगुने हो चुके हैं। इसके अलावा, भोजन पकाने वाली महिलाओं को मिलने वाला मासिक मानदेय भी बेहद कम है, जिससे उनका गुजारा मुश्किल हो रहा है। महिलाओं ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे काम बंद आंदोलन करने पर मजबूर होंगी। महासंघ ने केंद्र और राज्य सरकार से प्रति बच्चा भोजन लागत बढ़ाने, मानदेय में वृद्धि और लंबित भुगतान जल्द जारी करने की मांग की है।महासंघ की नीमच जिलाध्यक्ष माया पाटीदार ने कहा कि एमडीएम के तहत तो मध्यान भोजन समूह द्वारा दिया जा रहा है। उसका विगत चार माह से भुगतान नहीं मिल पाया है। जिससे हम लोगों की आर्थिक दिक्कतें खड़ी हो गई है। हम लोग आज बड़ी संख्या में हाथों में बेलन चकला और गैस की टंकी और चूल्हा लेकर प्रदर्शन करते हुए कलेक्टर कार्यालय नीमच पहुंचे और यहां एक ज्ञापन सौंपा है, हमारी मांग है जल्द से जल्द हमें हमारा भुगतान किया जाए। नीमच डिप्टी कलेक्टर मयूरी जोक ने बताया कि स्कूलों और आंगनवाड़ी में मध्यान भोजन बनाने का कार्य करने वाली समूह की महिलाएं यहां आई थी। इनकी मांग है कि इनकी दरों में वृद्धि और खाद्यान सामग्री में वृद्धि की जाए। और इन्होंने अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा है। जिसे हम माननीय मुख्यमंत्री
की भिजवा देंगे।
