घाघरला नावरा रोड बदहाल, ग्रामीणों ने सुधार की मांग की

नेपानगर। ग्राम घाघरला से नावरा रोड की हालत इतनी खराब है कि रोड के गड्ढे हादसे को न्यौता दे रहे हैं। बरसात के समय में तो रोड की स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि रोड पर हो चुके गड्ढे के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। यह बात घाघरला व नावरा के रहवासियों ने कही। दरअसल ग्राम घाघरला से नावरा तक रोड काफी खराब हो चुका है। ग्रामीणों के अनुसार यहां से यात्री बसए स्कूल बसए पैदल जाने वाले स्कूली बच्चेए किसानों को दिक्कतें हो रही है। किसानों के केले से भरे बड़े छोटे वाहन का निकलना भी मुश्किल हो रहा हैं जिसमें बड़े वाहनों को गड्ढे पार करने में बहुत खतरा होता है और हादसे का डर बना रहता है। इस ओर जिम्मेदारों का जरा सभी ध्यान नहीं है।

ग्रामीण बोले. जिम्मेदारों को किसी हादसे का इंतजार:-इसे लेकर ग्रामीणों ने कहा कि यहां जब तक कोई बड़ा हादसा न हो जाए तब तक ये गड्ढे नहीं भरने वाले। कईं बार गड्ढों की वजह से यहां वाहनों का संतुलन बिगड़ चुका हैं जिससे बड़ा हादसा हो सकता था। कई गांव की स्थिति ऐसी ही है जिसमें हैदरपुर डालमहू रोड तो पूरा गड्ढे में तब्दील हो चुका है जिसकी वजह से ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

शिकायत के बाद भी नहीं हो रही सुनवाइ :-ग्रामीणों ने कहा कि इस मार्ग से करीब दर्जनभर से अधिक गांवों के ग्रामीणों का आवागमन होता है। बारिश के समय यहां वाहन निकालना मुश्किल हो रहा है। पैदल चलने वाले लोगों के लिए भी यह रोड मुसीबत बन गया है। लंबे समय से इस रोड का निर्माण नहीं किया गया है। घाघरला से लेकर नावरा तक रोड पर जगह जगह कईं गड्ढे हो गए हैं। इसे दुरूस्त भी नहीं कराया रहा है न ही नए रोड का निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि रोड का निर्माण जल्द कराया जाना चाहिए ताकि आमजन की परेशानी दूर हो नहीं तो आने वाले समय में ग्रामीणों का आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ेगा।

Next Post

नड्डा ने सुभाषचन्द्र बनर्जी स्मारक पर दी श्रद्धांजलि, किया पौधारोपण

Mon Aug 25 , 2025
जबलपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार को जबलपुर प्रवास के दौरान पचपेड़ी स्थित सुभाषचन्द्र बनर्जी स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, पूर्व […]

You May Like