नयी दिल्ली 25 अगस्त (वार्ता) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि भारत अपने विशेष भागीदार फिजी सहित सभी प्रशांत द्वीपीय देशों के साथ संबंधों और विकास साझेदारी को मज़बूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत यात्रा पर आये फिजी के प्रधानमंत्री सिटिवेनी राबुका ने सोमवार को यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ वाार्त के बाद राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भेंट की।
राष्ट्रपति ने श्री राबुका और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि भारत प्रशांत द्वीपीय देशों के साथ अपने संबंधों और विकास साझेदारी को मज़बूत करने के लिए प्रतिबद्ध है जिनमें फिजी एक विशेष भागीदार है। उन्होंने फिजी में एक सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल की स्थापना के लिए दोनों देशों के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि यह स्वास्थ्य सेवा सहयोग को बढ़ाने के साझा दृष्टिकोण में एक मील का पत्थर है।
श्रीमती मुर्मु ने कहा कि क्षमता निर्माण हमेशा से भारत-फिजी संबंधों का महत्वपूर्ण स्तंभ रहा है, जिसमें भारतीय संस्थानों में फिजी के अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीकों ने भारत में वित्तीय समावेशन में क्रांति ला दी है, और हमें यूपीआई भुगतान प्रणाली, ‘जन धन’ और आधार जैसी पहलों में अपने अनुभव फिजी के साथ साझा करने में खुशी होगी।
राष्ट्रपति ने भारत और फिजी के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा कि गिरमिटिया समुदाय का योगदान न केवल हमारे मजबूत संबंधों को बनाए रखने में, बल्कि फिजी की बहुसांस्कृतिक पहचान, विविध समाज और अर्थव्यवस्था को आकार देने में भी महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक और बहुआयामी साझेदारी के रूप में भारत फिजी के सामाजिक-आर्थिक विकास में भागीदार है। इसमें स्वास्थ्य, क्षमता निर्माण एवं प्रशिक्षण, तथा जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीलापन जैसी फिजी की प्राथमिकताओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
श्रीमती मुर्मु ने 2024 में फिजी की राजकीय यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात और स्थानीय जनजातीय बुजुर्गों द्वारा सुंदर पारंपरिक स्वागत को याद किया। उन्होंने जीवंत भारतीय मूल के समुदाय के सदस्यों के साथ अपनी बातचीत को भी याद किया और दोनों देशों के बीच समझ तथा मित्रता को गहरा करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की।
राष्ट्रपति ने कहा यह अच्छी बात है कि फ़िजी सरकार ने भारत के साथ संबंधों को मज़बूत बनाने को प्राथमिकता दी है। दोनों नेताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि यह यात्रा सहयोग के नए रास्ते खोलेगी जिससे दोनों देशों के लोगों को लाभ होगा।
