सतना:महत्वपूर्ण सडक़ परियोजनाओं से संबंधित जबलपुर में आयोजित कार्यक्रम में एक ओर जहां मैहर जिले में 7 अंडरपास का शिलान्यास किया गया वहीं दूसरी ओर सतना में एक एलिवेटड रोड के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश भी दिए गए. लेकिन इस दौरान एनएच 39 पर सतना बेला के बीच घटिया सडक़ पर कम से कम ढाई रु प्रति किमी की टोल वसूली को लेकर किसी तरह की शिकवा-शिकायत अथवा कार्रवाई के संबंध में कोई जानकारी सामने नहीं आई. वह भी तब जबकि सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा कुछ दिन पहले ही यह स्पष्ट कर दिया गया है कि खस्ताहाल सडक़ों के लिए नागरिकों से टोल नहीं वसूला जा सकता.
दो दिन पहले जबलपुर में महत्वपूर्ण सडक़ परियोजनाओं से संबंधित एक कार्यक्रम आयोजित हुआ था. जिसमें केंद्रीय सडक़ परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्र व राज्य सरकार के कई दिग्गज मंत्री सहित सतना लोकसभा क्षेत्र के सांसद गणेश सिंह भी सम्मिलित हुए थे. उक्त कार्यक्रम में 4 हजार 706 करोड़ रु की लागत से 186 किमी की 10 सडक़ परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया. उक्त कार्यक्रम में मैहर जिले के लिए 7 अंडरपास बनाए जाने की सौगात मिली. जो अमरपाटन, मैहर बाईपास, मैहर बाईपास के अंतिम छोर, अमदरा और झुकेही सहित दो अन्य स्थानों पर प्रस्तावित हैं.
इसी कड़ी में सांसद के आग्रह पर केंद्रीय मंत्री द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को 12 किमी लंबे एलिवेटड रोड के निर्माण को लेकर डीपीआर तैयार करने के निर्देश भी दिए गए. लेकिन इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग 39 के सतना-बेला मार्ग के खस्ताहाल होने का मामला कहीं दब कर रह गया. गौरतलब है कि सतना को रीवा से जोडऩे वाला मार्ग एनएच 39 से होकर गुजरता है.
इस मार्ग पर पिछले 3 वर्षों से टोल वसूला जा रहा है वह भी बिना किसी मरम्मत किए और आधारभूत सुविधा को उपलब्ध कराए बगैर. मौजूदा दरों की बात की जाए तो हल्के वाहनों को उक्त मार्ग से गुजरने के लिए 100 रु का टोल देना पड़ता है. लेकिन वहीं दूसरी ओर यदि सुविधाओं की बात की जाए तो घटिया गड्ढा युक्त सडक, जानलेवा सर्विस लेन, क्षतिग्रस्त ट्रक ले बाई और डिवाडर पर झाड़-झंकाड़ ही नजर आता है.
अंडर पास के पुल और उसे जोडऩे वाली सडक़ के बीच इतनी गहरी दरारें हो चुकी हैं कि गुजरने वाले वाहन कम से कम दो फीट तक उछल जाते हैं. आमजन के साथ हो रहे इस छल को देखते हुए नवभारत द्वारा इस समस्या को प्रमुखता से सामने रखा गया था. जिसे संज्ञान में ले हुए सांसद श्री सिंह द्वारा केंद्रीय सडक़ परिवहन मंत्री श्री गडकरी से मुलाकात कर राष्ट्रीय राजमार्ग के जिम्मेदारों पर कार्रवाई करने के साथ ही मार्ग के निर्माण की मांग की गई थी. जिस पर केंद्रीय मंत्री द्वारा उचित कार्रवाई का आश्वासन भी दिया गया था. लेकिन 6 महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद भी अब तक न तो राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के जिम्मेदारों के विरुद्ध कोई कार्रवाई की गई और न ही घटिया रोड पर टोल वसूली ही बंद की गई.
आमसान छूती दरें
सतना-रीवा मार्ग पर बेला के पास बहेलिया भाठ टोल प्लाजा से होकर गुजरने वाले हल्के वाहनों की टोल राशि अब 90 से बढक़र 100 रु हो चुकी है. इसी कड़ी में हल्के वाणिज्यिक वाहनों को 245 रु, दो एक्सल वाले ट्रक-बस को 405 रु, तीन एक्सल वाले वाणिज्यिक वाहनों को 430 रु, 4 से लेकर 6 धुरी वाले वाहनों को 575 रु और सात या उससे अधिक धुरी वाले वाहनों को 680 रु का टोल देना पड़ता है. इस लिहाज से देखा जाए तो सतना से रीवा जाने वाले हल्के वाहनों को कम से कम ढाई रु प्रति किमी की दर से टोल देना पड़ता है. जबकि दो एक्सल वाले बस और ट्रक को यहां से गुजरने के लिए 4 रु प्रति किमी से अधिक का टोल देना पड़ता है. वहीं भारी वाहन की बात की जाए तो टोल राशि लगभग 7 रु प्रति किमी तक पहुंच जाती है.
