इमरान खान को तोशाखाना मामले में जमानत मिली, लेकिन सिफर मामले के कारण रहेंगे जेल में।
इस्लामाबाद, 22 अगस्त (वार्ता): पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को तोशाखाना मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। इस फैसले को उनकी कानूनी लड़ाई में एक बड़ी जीत माना जा रहा है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद भी इमरान खान जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे, क्योंकि वह एक अन्य मामले में भी हिरासत में हैं।
सिफर मामले में भी है हिरासत
इमरान खान पर सिफर मामले में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने प्रधानमंत्री रहते हुए एक सीक्रेट राजनयिक दस्तावेज का गलत इस्तेमाल किया था। इसी मामले में उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद, सिफर मामले में उनकी हिरासत बरकरार रहेगी, जिससे उनकी रिहाई नहीं हो पाएगी।
बनी हुई है राजनीतिक उथल-पुथल
इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक उथल-पुथल का दौर जारी है। उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के समर्थक देश भर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कोर्ट का यह फैसला उनके समर्थकों के लिए एक बड़ी राहत है, लेकिन उन्हें जेल से बाहर आने के लिए सिफर मामले में भी जमानत मिलनी जरूरी है।

