छतरपुर। महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, अमिधारा ट्रस्ट (गुजरात) और प्राणनाथ ग्लोबल कॉन्शियसनेस मिशन के संयुक्त तत्वावधान में “महामति प्राणनाथ के आदर्शों के पुनर्जीवन” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। यह आयोजन विश्वविद्यालय के जे.सी. बोस हॉल में किया जा रहा है।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य महामति प्राणनाथ की शाश्वत शिक्षाओं को आज के समाज और शैक्षणिक जगत में नई दिशा प्रदान करना है। कार्यक्रम का उद्घाटन विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. शुभा तिवारी ने किया। आयोजन में अमिधारा ट्रस्ट से मनुभाई पटेल, अशोक पटेल, महेशभाई पटेल और नरेंद्रभाई पटेल उपस्थित रहे। इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो. मुक्ता मिश्रा तथा संयोजक डॉ. जे.पी. शाक्य ने सम्मेलन के महत्व पर प्रकाश डाला।
दो दिवसीय इस सम्मेलन में आध्यात्मिकता, करुणामय नेतृत्व, सांस्कृतिक संवाद और पीढ़ियों के बीच पुल बनाने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। सम्मेलन का उद्देश्य हर व्यक्ति को उसकी दिव्य क्षमता की ओर मार्गदर्शन करना और प्राणनाथ की शिक्षाओं के माध्यम से “आंतरिक आनंद” को जगाना है।
