युद्ध शक्तियां अधिनियम ‘असंवैधानिक,’ राष्ट्रपति के पास होती हैं, सैन्य अभियान की शक्तियां : रुबियो

वॉशिंगटन, 06 मई (वार्ता) ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियानों को चुनौती देने वाले प्रस्तावों पर कांग्रेस में संभावित मतदान से पहले अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने युद्ध शक्तियां अधिनियम (वार पावर्स एक्ट) को ‘पूरी तरह असंवैधानिक’ करार देते हुए कहा कि ‘राष्ट्रपति के पास हमेशा सैन्य अभियान की शक्ति होती है।’ श्री रुबियो ने विस्तृत प्रेस वार्ता में वार पावर्स एक्ट पर तीखा हमला बोला, हिजबुल्लाह को ईरान की विदेश नीति का हथियार बताया और परमाणु हथियार संपन्न ईरान के खतरे को लेकर कड़ी चेतावनी दी। साथ ही उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य संकट से निपटने को लेकर प्रशासन की नीति का भी बचाव किया। उन्होंने कहा, “वार पावर्स एक्ट 100 प्रतिशत असंवैधानिक है। यह केवल मेरी या मौजूदा राष्ट्रपति की राय नहीं है। जिस दिन से यह कानून बना, तब से हर राष्ट्रपति का यही रुख रहा है।” श्री रुबियो ने कहा कि प्रशासन कांग्रेस को सूचित करने संबंधी प्रावधानों का पालन करता है, लेकिन इससे कानून की संवैधानिक वैधता स्वीकार नहीं होती। उन्होंने कहा, “हम इस कानून को संवैधानिक नहीं मानते, लेकिन कांग्रेस के साथ बेहतर संबंध बनाये रखने के लिए इसके कुछ प्रावधानों का पालन करते हैं।” उन्होंने बताया कि इस वर्ष वह चार बार कैपिटल हिल जाकर सांसदों को जानकारी दे चुके हैं, जिसमें सीनेट, प्रतिनिधि सभा, इंटेलिजेंस कमेटी और गैंग ऑफ एट के सदस्य शामिल हैं।

श्री रुबियो ने लेबनान के मुद्दे पर कहा कि समस्या ‘इजरायल और लेबनान के बीच नहीं, बल्कि हिजबुल्लाह’ है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिजबुल्लाह लेबनान की धरती से इजरायल को निशाना बनाता है और साथ ही लेबनानी जनता को भी नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने कहा, “हिजबुल्लाह ईरान की क्षेत्र को अस्थिर करने की इच्छा का विस्तार है।” श्री रुबियो ने दावा किया कि हमास, हिजबुल्लाह और हूती जैसे समूहों के पीछे तेहरान का हाथ है। श्री रुबियो ने कहा कि अमेरिका का उद्देश्य लेबनानी सशस्त्र बलों को इतना सक्षम बनाना है कि वे हिजबुल्लाह को चुनौती देकर उसे समाप्त कर सकें। उन्होंने कहा, ‘4सरकार और हिजबुल्लाह दोनों साथ नहीं हो सकते। केवल सरकार होनी चाहिए।” ईरानी विदेश मंत्री की चीन यात्रा पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री रुबियो ने कहा कि उन्हें इससे चिंता नहीं है, लेकिन उम्मीद है कि चीन तेहरान को स्पष्ट संदेश देगा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में उसकी गतिविधियां उसे वैश्विक स्तर पर अलग-थलग कर रही हैं। उन्होंने कहा कि चीन की अर्थव्यवस्था निर्यात आधारित है और उसके लिए भी यह जरूरी है कि ईरान जलडमरूमध्य में अवरोध समाप्त करे। अमेरिकी प्रतिबंधों को लेकर रुबियो ने चेतावनी दी कि जो भी वित्तीय संस्थान ईरान को प्रतिबंधों से बचने में मदद करेंगे, उन्हें द्वितीयक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा और अमेरिकी वित्तीय प्रणाली तक उनकी पहुंच समाप्त हो सकती है।

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