ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों, हिंसा और दबाव के बीच देश में मार्शल लॉ लागू किया गया, इंटरनेट बंद हुआ और सेना को व्यवस्था का नियंत्रण सौंपा गया।
ईरान में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। लगातार हो रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों और बढ़ती हिंसा के बीच अब पूरे देश में मार्शल लॉ लागू कर दिया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े बयानों और धमकियों ने भी स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया है। ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, हालात को काबू में करने के उद्देश्य से सरकार ने यह कठोर कदम उठाया है।
बीते कई दिनों से ईरान में व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इन प्रदर्शनों की शुरुआत देश में लगातार बढती महंगाई और अराजकता के विरोध में शुरु हुआ था, दो बाद में सत्ता परिवर्तन में बदल गया। प्रदर्शनकारी ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को सत्ता से हटाने और राजशाही की वापसी की मांग करते हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ईरान इंटरनेशनल के मुताबिक इन प्रदर्शनों में अब तक 20,000 लोगों की मौत हो चुकी है। सरकार ने इन प्रदर्शनों को दबाने के लिए सख्त कार्रवाई की है, जिसमें इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद करना, बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां और सुरक्षा बलों की तैनाती शामिल है।
