इंदौर: नगर निगम और यूनाइटेड नेशन एक्शन फॉर क्लाइमेट चेंज काउंसिल (यूएनएसीसीसी) के बीच सस्टेनेबल हाउसिंग प्रोग्राम के लिए एमओयू साइन किया गया. इस समझौते के तहत बीपीएल और निम्न आय वर्ग परिवारों को नेट जीरो हाउसिंग उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे ऊर्जा और ईंधन खर्च में 30% तक बचत संभव होगी.
रविन्द्र नाट्य गृह में आयोजित कार्यक्रम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव और यूएनएसीसीसी महानिदेशक डॉ. श्रीकांत के. पाणिग्राही ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए.
महापौर ने कहा कि इंदौर को नेट जीरो और सस्टेनेबल सिटी बनाने का रोडमैप तैयार किया जा रहा है. वर्तमान में इंदौर डिजिटल, क्लीन, ग्रीन और सोलर सिटी की दिशा में कार्य कर रहा है. वर्ष 2045 से 2070 तक नेट जीरो का लक्ष्य जनता की भागीदारी से हासिल किया जाएगा।डॉ. पाणिग्राही ने कहा कि इंदौर ने स्वच्छता के शत प्रतिशत लक्ष्य को रणनीतिक दृष्टिकोण से पूरा किया है और यहां की जनता ने इसे जीवनशैली बना लिया है।
अब लक्ष्य इस मॉडल को यूरोप, अफ्रीका और खाड़ी देशों तक ले जाने का है.वर्चुअली जुड़े पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि इंदौर ने सस्टेनेबल सिटी के लिए उत्कृष्ट कार्य किया है. वहीं, आयुक्त शिवम वर्मा ने कहा कि इंदौर वेस्ट मैनेजमेंट और एयर क्वालिटी सुधार में नवाचार कर रहा है और यह सफलता जनता की सहभागिता से ही संभव हुई है.
