नयी दिल्ली, 21 अगस्त (वार्ता) आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता के पास ताकत होना जरुरी है लेकिन इस ताक़त का दुरुपयोग करने वालों को अगर सज़ा नहीं मिलेगी तो इस निरंकुश ताकत का अहंकार सबको रावण बना देता है।
श्री सिसोदिया ने नसंविधान (130वां) संशोधन विधेयक की मंशा पर सवाल उठाते हुए आज कहा कि इस क़ानून में यह व्यवस्था भी होनी चाहिए कि अगर कोई मंत्री या मुख्यमंत्री झूंठे आरोपों में जेल भेजा जाता है, और बाद में वह बरी हो जाता है तो गिरफ्तार करने वाले अधिकारी, गिरफ्तार करने वाली एजेंसी के मुखिया और गिरफ्तार कराने वाली सरकार के मुखिया (प्रधान मंत्री या मुख्यमंत्री, जो भी उस समय रहे हों) को उतने साल के लिए जेल भेजा जाएगा जितने साल की सज़ा वाले झूंठे आरोप उस वक्त लगाए गए थे।
उन्होंने कहा कि यह कानून सिर्फ़ मंत्री या नेताओं के लिए क्यों? किसी भी आम आम आदमी को झूठे ममालों में जेल भेजने वालों को भी जेल भेजने की व्यवस्था होनी चाहिए ।
