
बालाघाट। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने बैहर के एकलव्य विद्यालय परिसर में महाआरोग्य शिविर का शुभारंभ करते हुए कहा कि जनजातीय समाज में पाई जाने वाली सिकलसेल बीमारी की रोकथाम के लिए विवाह से पहले कुण्डली की तरह सिकलसेल कार्ड का मिलान किया जाए। यदि लड़का और लड़की दोनों सिकलसेल के वाहक हों तो उनका विवाह न किया जाए। उन्होंने बताया कि इस बीमारी से 95 प्रतिशत मरीज आदिवासी समाज से आते हैं। केन्द्र सरकार ने वर्ष 2047 तक इसके उन्मूलन का लक्ष्य तय किया है और इसके उपचार हेतु 15 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
राज्यपाल ने कहा कि आयुष्मान योजना से गरीबों को 5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है। स्व-सहायता समूहों की महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और ड्रोन दीदी के रूप में पहचान बना रही हैं। पीएम जनमन योजना व धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना से आदिवासी क्षेत्रों का विकास हो रहा है। शिविर में 4.36 लाख से अधिक जांचों में 5426 सिकलसेल वाहक और 1782 मरीज मिले हैं। इस अवसर पर हितग्राहियों को वन पट्टे, पेंशन, फसल बीमा राशि व महिला समूहों को 1.06 करोड़ रुपये की सहायता वितरित की गई। राज्यपाल का स्वागत पारंपरिक बैगा नृत्य से किया गया।
