
सर्चिंग के दौरान सुरक्षा कर्मियों ने पकड़ा
जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस सेंट्रल जेल के अंदर नशीले सामानों की सप्लाई का सिलसिला रुक नहीं रहा है। सोमवार को सेंट्रल जेल में तैनात सुरक्षा कर्मियों ने सर्चिंग के दौरान एक डॉक्टर को तम्बाकू, गुटखा के साथ पकड़ा है। जिसे सिविल लाइन पुलिस के हवाले कर दिया गया हैं जहां उसके खिलाफ आगे की कार्यवाही की जा रही है। जेलर मदन कमलेश ने बताया कि घमापुर निवासी संजय दाहिया 35 वर्ष, जेल में कैदियों को बीते 15 दिनों से फिजियोथेरेपी देने आ रहा था। सोमवार को तलााशी के दौरान प्रतिबंधित सामग्री मिली। तंबाकू और गुटखा मिला। संजय दाहिया को प्रतिबंधित सामग्री के साथ सिविल लाइन पुलिस के हवाले कर दिया गया है। सिविल लाइन थाना प्रभारी का कहना है कि जेल से एक डॉक्टर को भेजा गया है जिसके पास से तंबाकू, गुटखा मिला है जिससे पूछताछ की जा रही है जिसके बाद आगे की कार्यवाही होगी। सूत्रों के अनुसार फिजियोथेरेपिस्ट संजय दाहिया कैदियों को बीते कुछ दिनों से कमाई के लालच में तंबाकू मुहैया करवा रहा था। जिस पर शक होने पर उसकी सघन तलाशी हुई। जिसके बाद उसके पास से तंबाकू, गुटखा मिला है। बताया जाता है कि इलाज देने के नाम पर वह कैदियों को धीमा जहर देता था। विदित हो कि जेल में मादक पदार्थों से लेकर तंबाकू, सिगरेट, गुटका पूर्व में भी पकड़ा जा चुका है कई बार तो प्रहरी ही कैदियों को मादक पदार्थो की सप्लाई करते रंगे हाथों पकड़े जा चुके है। जेल में लंबे समय से नशीले सामानों को बंदियों तक पहुंचाने का काम धड़ल्ले से चल रहा है। जेल के अंदर पहुंचने पर गांजा-सिगरेट और तंबाकू की कीमत 100 गुना अधिक वसूली जाती है।
