ग्वालियर: नर्मदा एक्सप्रेस से रहस्यमयी तरीके से लापता अर्चना तिवारी को 13वें दिन उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में पलियाकलां स्थित नेपाल बार्डर के पास से रानी कमलापति थाना के जीआरपी ने बरामद कर लिया है. पुलिस अर्चना को प्लेन से लेकर आज सुबह भोपाल पहुंच गई है, जहां अर्चना से जीआरपी की टीम पूछताछ करेगी. इस पूछताछ में कई रहस्यों से पर्दा हटेगा.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक ग्वालियर में हिरासत में लिए आरक्षक का अर्चना के गायब होने से दूर दूर तक कोई संबंध नहीं है. आरक्षक से चार बार केस के संदर्भ में पूछताछ की गई. हालांकि उसने ही अर्चना का टिकट कराया. सूत्रों से जानकारी मिली है कि आरक्षक राम अर्चना से एक तरफा प्रेम करता था. अर्चना अकेली ही थी और उसके साथ कोई मौजूद नहीं था.
संदेही आरक्षक बोला- ‘मैं अर्चना से नहीं मिला’
पुलिस ने भंवरपुरा थाने में पदस्थ आरक्षक राम तोमर को कल धर-दबोचा और पूछताछ की. इश दौरान पुलिस ने आरक्षक का मोबाइल जब्त कर उसकी फॉरेनसिक जांच कराने के लिए भेज दिया. पूछताछ के दौरान राम तोमर ने बताया कि वह अर्चना से संपर्क में था, लेकिन वो उससे कभी मिला नहीं है, उससे सिर्फ मोबाइल पर ही बातचीत होती थी.
ग्वालियर पुलिस ने कहा
ग्वालियर के एडिशनल एसपी कृष्ण लालचंदानी ने बताया कि आरक्षक राम तोमर काफी समय से अर्चना तिवारी के संपर्क में था और उसने उसके ग्वालियर आने के लिए बस का एक टिकट भी कराया था. हालांकि उस टिकट पर अर्चना ने यात्रा नहीं की. अर्चना दूसरे दिन यानी की 7 अगस्त को नर्मदा एक्सप्रेस से इंदौर से कटनी के लिए रवाना हुई थी, लेकिन यात्रा के दौरान अर्चना रहस्यमयी ढंग से भोपाल के पास से लापता हो गई थी. भोपाल के बाद उनका मोबाइल भी बंद हो गया था.
