इंदौर:शहर में लावारिस और असहाय शवों को अंतिम सम्मान दिलाने के लिए हाल ही में शुरू की गई ‘मानव सेवा वाहन’ सेवा से नई मिसाल पेश की है. मात्र एक माह में इस विशेष वाहन ने 20 से अधिक अज्ञात और क्षत-विक्षिप्त शवों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया.कई शव सड़क किनारे सुनसान इलाकों और निर्माण स्थलों पर मिले थे. मानव सेवा वाहन की प्रशिक्षित टीम ने पुलिस और चिकित्सा अमले के सहयोग से न केवल शवों को उठाया, बल्कि पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार संबंधी कानूनी प्रक्रिया भी पूरी कराई.
नगर निगम आयुक्त ने इस पहल को इंसानियत के प्रति जिम्मेदारी बताया. उन्होंने कहा कि जिनके पास अब कोई नहीं है, उनके लिए कम से कम आख़िरी सफ़र में इज्जत सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है. निगम ने नागरिकों से भी अपील की है कि कहीं लावारिस शव दिखने पर तत्काल कंट्रोल रूम या हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें.
नगर निगम की यह सेवा 24 घंटे उपलब्ध है. इसमें प्रशिक्षित दल शवों को सम्मानपूर्वक पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से अंतिम प्रक्रिया तक पहुंचाता है. यह पहल न केवल प्रशासनिक दृष्टि से सराहनीय है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देती है कि इंसानियत का फर्ज़ अंतिम सांस तक निभाया जा सकता है.
