
जबलपुर। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच जबलपुर ने राज्यपाल को पत्र भेजकर स्टाम्प ड्यूटी संशोधन बिल को मंजूरी न देने की मांग की है। मंच के प्रांत अध्यक्ष डॉ. पीजी नाजपांडे व अधिवक्ता वेद प्रकाश अधौलिया का कहना है कि इस बिल के जरिए हाईकोर्ट के सिद्धांतों का उल्लंघन किया गया है। जिस कारण अधिसूचना पर रोक लगाई जानी चाहिए। इस विधेयक को विधानसभा में गड़बड़ी से पारित किया गया है। यह एकतरफा व मनमानी पूर्ण है। जब पूर्व में स्टाम्प ड्यूटी बढ़ाई गई थी तब हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने स्पष्ट टिप्पणी की थी कि स्टाम्प ड्यूटी बढ़ाने की कार्यवाही एक तरफा व मनमानी पूर्ण न हो, इन सिद्धांतों को ध्यान में रखना होगा। इसके बावजूद यह बिल 27 जुलाई को विधानसभा में प्रस्तुत कर मात्र एक सप्ताह में पारित किया गया। पारित करने के पूर्व में न तो नागरिकों से राय मांगी गई, न ही अधिवक्ता संघों द्वारा प्रस्तुत आपत्तियों को विचारार्थ लिया गया।
