
मंडला। जिले में खाद का संकट विकराल रूप धारण कर चुका है। हालात यह हैं कि खैरी गोदाम में किसान आधी रात दो बजे से लाइन में लग रहे हैं। पुरुषों के साथ महिलाएं व बच्चे भी भूखे-प्यासे घंटों इंतजार को मजबूर हैं। गोदाम का पहुंच मार्ग कीचड़ से भरा है, जिससे पैदल चलना तो दूर वाहन ले जाना भी कठिन हो गया है।
किसानों की संख्या रोजाना आठ सौ से हजार तक पहुँच रही है, जबकि टोकन वितरण महज 120 किसानों तक सीमित है। नतीजा यह कि अधिकांश किसान पूरा दिन लाइन में बिताने के बाद भी खाली हाथ लौट रहे हैं। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि अव्यवस्था के बीच कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं होता। सिर्फ एक बिना हस्ताक्षर और मुहर की सूचना चस्पा कर खानापूर्ति की जा रही है।
किसानों का आरोप है कि सरकार व प्रशासन वादों के विपरीत समय पर खाद उपलब्ध कराने में नाकाम रहा है। इस भीषण किल्लत से खेतों में संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि अव्यवस्था व खाद की कमी जल्द दूर नहीं की गई तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
