जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट ने पूर्व आदेश की नाफरमानी पर तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव, आयुक्त एवं संचालक को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होकर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए। जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने तीनों अधिकारियों को 17 सितंबर को तलब किया है। आगामी सुनवाई तक पूर्व में दी गई अंतरिम राहत बरकरार रहेगी।
हरदा निवासी विजय कुमार तिवारी ने वर्ष 2024 में याचिका दायर की थी।
याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि याचिकाकर्ता मध्य प्रदेश तकनीकी शिक्षा पॉलिटेक्निक महाविद्यालय (शिक्षण संवर्ग सेवा भर्ती) नियम के प्रावधानों के तहत पेंशन का हकदार है। हाईकोर्ट ने 27 मई 2024 को विभाग को आदेश दिए थे कि याचिकाकर्ता को प्रोविशनल पेंशन के साथ 50 फीसदी ग्रेच्युटी का भुगतान करें। आदेश का पालन नहीं हुआ और जनवरी 2025 में याचिकाकर्ता की मृत्यु हो गई।
इसके बाद उसकी पत्नी किरण ने कानूनी लड़ाई जारी रखी। न्यायालय ने 18 अगस्त को विभाग के संचालक को उपस्थित होने कहा था। विगत दिवस संचालक ने न्यायालय को बताया कि मामला सरकार को भेजा गया है और अभी लंबित है। इस पर न्यायालय ने कहा कि यह दुख की बात है कि आदेश के बावजूद याचिकाकर्ता बिना पेंशन प्राप्त किए ही गुजर गया। जिसके बाद न्यायालय ने उक्त निर्देश दिये।
