
इंदौर. कनाड़िया थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई. बस चालक ईश्वर ने अपनी 35 वर्षयी पत्नी रानी को तीन साल के मासूम बेटे के सामने गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया. पत्नी का कसूर सिर्फ इतना था कि वह पति के एक शिक्षिका से चल रहे अफेयर का विरोध कर रही थी.
घटना उस वक्त हुई जब रानी अपने बेटे को स्कूल से लेकर घर लौट रही थी. तभी ईश्वर हेलमेट पहनकर दोस्त के साथ बाइक से आया और पत्नी पर गोली चला दी. रानी सड़क पर गिर पड़ी और मौके पर ही दम तोड़ दिया. बच्चे ने पुलिस को बताया पटाखे जैसी आवाज आई और मम्मी गिर गई. रानी आर्य पब्लिक स्कूल में आया का काम करती थी, जबकि उसका तीन वर्षीय बेटा वहीं पढ़ता है. पुलिस जांच में सामने आया कि ईश्वर का एक निजी स्कूल की शिक्षिका तौसिबा से प्रेम संबंध था. रानी इसका विरोध करती थी, जिस पर आए दिन विवाद होते थे. राखी के दिन ईश्वर ने पत्नी से कहा था कि “तीन दिन में फाइल निपटा दूंगा,” उसी के बाद से उसने हत्या की साजिश रच ली थी. वारदात के बाद आरोपी ने रानी को एमवाय अस्पताल लाकर हादसा बताने की कोशिश की, लेकिन पोस्टमार्टम में गोली का जख्म सामने आने पर उसका राजफाश हो गया. पूछताछ में ईश्वर टूट गया और जुर्म कबूल कर लिया. गिरफ्तारी के वक्त वह कार में शराब पीते मिला। पुलिस अब उसके सहयोगी की तलाश कर रही है. रानी की शादी को 11 साल हुए थे. उसका मायका शिप्रा में है. वह दो बच्चों 7 वर्षीय बेटी मीनाली और 3 वर्षीय बेटे गिरिराज की मां थी. मासूमों के सिर से उनकी मां का साया हमेशा के लिए उठ गया.
