नयी दिल्ली, (वार्ता) उद्योग और व्यापार संगठनों ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में सुधार के अगले चरण की सराहना करते हुये कहा है कि इससे व्यापार करने की आसानी बढ़ेगी।
प्रमुख उद्योग संगठन फिक्की के अध्यक्ष हर्षवर्धन अग्रवाल ने एक बयान में 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन का स्वागत किया। उन्होंने कहा, “ हम आठ वर्षों के बाद व्यापक जीएसटी समीक्षा की घोषणा की सराहना करते हैं, जिससे उपभोक्ताओं और व्यवसायों पर कर का बोझ कम होगा और व्यापार करने की आसानी बढ़ेगी। अनुपालना कम करने, अनावश्यक नियमों को समाप्त करने और एक समर्पित सुधार कार्य बल बनाने की प्रतिबद्धता, वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत करेगी। ”
उल्लेखनीय है कि श्री मोदी ने अपने संबोधन में जीएसटी में अगली पीढ़ी के सुधारों की घोषणा की और कहा कि इससे आम लोगों के लिए जरूरत की चीजें सस्ती होंगी तथा एमएसएमई को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने अपने भाषण में देश की रक्षा, विनिर्माण समेत सभी क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता और स्वदेशी को अपनाने पर जोरी दिया।
फिक्की ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश को एक आत्मनिर्भर आर्थिक महाशक्ति बनाने की दिशा में सभी हितधारकों के मिलकर काम करने की आवश्यकता पर स्पष्ट रूप से प्रकाश डाला। श्री अग्रवाल ने कहा, “ हम प्रतिस्पर्धी लागत पर विश्व स्तरीय गुणवत्ता वाले उत्पाद बनाने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण का समर्थन करते हैं, और उद्योग इस लक्ष्य को साकार करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता का आश्वासन देता है। ”
भाजपा सांसद एवं अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने इसे साहसिक कदम बताते हुये कहा कि यह देश के व्यापार और अर्थव्यवस्था के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। प्रस्तावित जीएसटी दरों का युक्तिकरण, विशेषकर आवश्यक और दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर कर में कमी, सीधे आम नागरिकों को लाभ पहुंचाएगी, क्रय शक्ति बढ़ायेगी और छोटे व्यापारियों एवं एमएसएमई को अत्यंत आवश्यक राहत प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि यह सुधार जीएसटी की संरचना को सरल बनायेगा, अनुपालन के बोझ को कम करेगा और कारोबार की आसानी तथा जीवनयापन की आसानी के सरकार के एजेंडे को और मजबूत करेगा।
