जबलपुर: गोरखपुर पुलिस ने जाली दस्तावेजों के जरिए अग्निवीर बने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। इस फर्जीवाड़े का खुलासा उस वक्त हुआ जब ग्रेनेडियर्स रेजिमेन्ट सेन्टर में सेना का प्रशिक्षण शुरू हुआ। जब बैंक खाता खोलने की प्रकिया शुरू हुई तो डेटा मेें गड़बड़ी दिखी, जिसके बाद जांच पड़ताल शुरू हुई तो हेराफेरी उजागर हुई।
पुलिस के मुताबिक सूबेदार मेजर रुप सिह शेखावत पिता बाल सिह शेखावत 51 वर्ष निवासी ग्रेनेडियर रेजीमेन्टल केन्द्र ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि अग्नीवीर आयुष्मान आशीष पिता ललित मोहन सिंह को सेना में भर्ती कार्यालय दानापुर द्वारा दिसम्बर 2024 रैली में नामांकित किया गया था और यह 30 अप्रैल 2025 को ग्रेनेडियर्स रेजिमेन्ट सेन्टर में सेना के प्रशिक्षण के लिए पहुंचा जो कि बैंच संख्या 06/2025 के साथ 1 मई 2025 से प्रारम्भ हुई।
प्रारम्भ में जब बैंक खाता खोलने कि प्रकिया चल रही थी तो उसके आधार डेटा में कुछ विसंगति देखी गई। अग्निवीर आयुष्मान आशीष के आधार कार्ड में आयुष्मान आशीष पिता ललित मोहन सिंह का नाम था लेकिन स्कैंन करने पर पप्पू कुमार पिता ओमप्रकाश शाह पाया गया। सेना अधिकारियों ने यह विसंगति सेना भर्ती कार्यालय, दानापुर को भेजी, जिसमें पता चला कि जाली दस्तावेज के जरिए नामांकन कराया गया है। आरोपी पप्पू कुमार ने कूटरचित नाम आयुष्मान आशीष पिता ललित मोहन सिह के जरिए फर्जीवाड़ा किया।
