
सिंगरौली। ऊर्जाधानी में आज दिन गुरूवार को हल छठ का त्योहार श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाया गया है। इस दौरान पुरोहित व महिलाओं ने एक-एक कर छठ माता के महात्म्य की कहानी सुनाई।
महिलाओं ने पुत्रों के लिए व्रत रख कर उनकी दीर्घायु और संपन्नता की कामना की। जगह-जगह महिलाओं ने समूह में इक_ा होकर विधिवत पूजा अर्चना की। जिले के बैढ़न, चितरंगी, देवसर, माड़ा, सरई समेत पूरे अंचल में शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों में आज दिन गुरूवार को ललही छठ पर्व पर मोहल्ले और गांव की महिलाओं ने समूह बनाकर तालाब, पोखरा, कुएं व मंदिरों के पास कुश, पलास, बैर, महुआ पेड़ की डालियां गाड़कर विधिवत पूजा अर्चना की। समूह में महिलाओं ने एक-एक कर छठ माता के महात्म्य की कहानी सुनाई। यह पर्व जिले में श्रद्धा के साथ मनाया गया। वही पुत्र की दीर्घायु की कामना से हलषष्ठी ललही छठ का व्रत, पूजन एवं कथा श्रवण शिवधाम मंदिर बैढ़न में मंदिर के महाप्रबंधक ज्योतिषविद् पंडित डॉ. एनपी मिश्र महाप्रबंधक शिवधाम मंदिर के सानिध्य में अनेकानेक व्रती महिलाएं पूजन किया एवं पुण्य लाभ अर्जित किया । भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को हरछठ का त्योहार मनाते हैं। इसे बलदेव छठ, ललही छठ व चंदन छठ अन्य नामों से जानते हैं। मान्यता है कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम का जन्म हुआ था। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण के साथ बलराम जी की पूजा अर्चना की जाती है।
