पुणे, 14 अगस्त (वार्ता) केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने किर्लोकर ऑयल इंजिन्स लिमिटेड (केओईएल) द्वारा विकसित अत्याधुनिक इथेनॉल और आइसोब्यूटेनॉल इंजन तकनीक का अनावरण किया है।
कंपनी की गुरुवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार जेनसेट के लिए यह दुनिया की अपनी तरह की पहली तकनीक है, जिसका मूल्यांकन भारतीय वाहन अनुसंधान संघ (एआरएआई) द्वारा किया गया है। श्री गडकरी ने हरी झंडी दिखा कर इस नए इंजन को रवाना किया । इसे देश की ऊर्जा स्वतंत्रता और पर्यावरण प्रबंधन की दिशा में वैकल्पिक ईंधन समाधानों के विकास और उपयोग को बढ़ावा देने के सरकार के प्रयासों को बल मिलेगा।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि विश्व जैव ईंधन दिवस (10 अगस्त) से तुरंत बाद प्रस्तुत केओआईएल का यह स्वच्छ ऊर्जा समाधान वैकल्पिक ईंधनों पर कंपनी के विशेष को उजागर करता है और यह राष्ट्रीय ऊर्जा विविधीकरण लक्ष्यों के अनुकूल है।
किर्लोस्कर ऑयल इंजन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल सहाई ने कहा, “ इथेनॉल और आइसोब्यूटेनॉल इंजनों के साथ, हम न केवल वैकल्पिक ईंधनों को अपना रहे हैं, बल्कि देश के ऊर्जा विविधीकरण और पर्यावरणीय लक्ष्यों में भी योगदान दे रहे हैं।” कंपनी का कहना है कि उन्नत दहन तकनीक के कारण इस इंजन में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम होता है। इनमें इथेनॉल और आइसोब्यूटेनॉल जैसे नवीकरणीय जैव ईंधनों के उपयोग के कारण जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होती है।

