नर्मदापुरम: वह समय गया जब खेलों में करियर की संभावनाओं को खारिज किया जाता था, अब तो खेलों में करियर की विपुल संभावनाएं हैं। आप जीवन में अनुशासन, खान पान, कठिन परिश्रम और सतत् अभ्यास करके जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते हैं यह बात गुरुवार को समेरिटंस स्कूल सांदीपनी परिसर में दक्षिण कोरिया से कुराश खेल में रजत पदक लेकर लौटी छात्रा आरुषि सल्लाम का अभिनंदन करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि समय तेजी से बदल रहा है, समय के अनुसार आपको भी बदलना पड़ेगा। खेलों में भविष्य बनाना है मेहनत के साथ खान पान पर भी विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी की सफलता में उसके कोच का भी अहम रोल होता है। इस अवसर पर उन्होंने आरुषि की कोच वैशाली तिवारी का भी सम्मान किया। इसके अलावा हाल ही में तैराकी में चार मैडल के साथ चैंपियन ट्राफी जीतने वाले छात्र यशवर्धन देशमुख का भी सम्मान किया। कार्यक्रम में डायरेक्टर डा आशुतोष शर्मा, प्राचार्य प्रेरणा रावत, आरके सिंह, आरके रघुवंशी, विक्रांत खंपरिया आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सिम्मी झा ने किया जबकि आभार प्रमोद शर्मा ने व्यक्त किया।
