श्रीनगर, 13 अगस्त (वार्ता) जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में आज तड़के नियंत्रण रेखा के पास हुयी मुठभेड़ में एक जवान शहीद हो गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि उरी सेक्टर के चुरंडा इलाके में तड़के लगभग 3:30 बजे “भीषण लेकिन संक्षिप्त गोलीबारी” हुई।
अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान जवान गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसकी मृत्यु हो गई। शहीद जवान की पहचान बिहार के भागलपुर निवासी हवलदार अंकित कुमार के रूप में हुई है।
श्रीनगर स्थित सेना की चिनार कोर ने कहा कि हवलदार अंकित कुमार ने नियंत्रण रेखा पर ऑपरेशनल ड्यूटी निभाते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।
सेना ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘चिनार कोर बहादुर हवलदार अंकित कुमार के सर्वोच्च बलिदान का सम्मान करती है, जिन्होंने बारामूला के उरी में नियंत्रण रेखा पर ऑपरेशनल ड्यूटी निभाते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।चिनार वॉरियर्स उनके अदम्य साहस और बलिदान को सलाम करते हुए गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और शोक संतप्त परिवार के साथ एकजुटता व्यक्त करते हैं।”
यह स्पष्ट नहीं है कि यह बॉर्डर एक्शन टीम (बीएटी) का हमला था या उरी सेक्टर के चुरंडा इलाके में नाकाम की गई घुसपैठ की कोशिश थी।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि खराब मौसम के बीच गोलीबारी हुई और बाद में इलाके में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक विधि कुमार बिरदी ने कहा कि ऑपरेशन के बारे में विवरण बाद में साझा किया जाएगा।
श्री बिरदी ने श्रीनगर में संवाददाताओं से कहा, “हमें इस मुद्दे के बारे में अभी पता चला क्योंकि यह नियंत्रण रेखा (एलसी) से संबंधित मामला है। इसलिए, इसमें कुछ समय लगेगा… अधिक जानकारी मिलने के बाद हम इसे स्पष्ट करेंगे।”
इससे पहले कुलगाम जिले के अखल जंगलों में भीषण गोलीबारी में सेना की विशिष्ट आतंकवाद रोधी इकाई के दो जवानों शहीद हो गये थे और दो अन्य घायल हुए थे । इसके चार दिन बाद यह घटना हुई है।
श्री बिरदी ने कहा कि अखल ऑपरेशन पूरा हो गया है। यह कश्मीर में हाल के वर्षों में चला सबसे लंबा आतंकवाद-रोधी अभियान था, जो 12 दिनों तक चला। अखल ऑपरेशन के शुरुआती चरण में एक स्थानीय आतंकवादी मारा गया।
