मरवाही (वार्ता) छत्तीसगढ़ के मरवाही वनपरिक्षेत्र में पिछले 12 दिनों से हाथियों का आतंक बना हुआ है। इस दौरान हाथियों के दल ने कई गांवों में घर तोड़े और किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया।
लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। प्रभावित गांवों के लोग रातभर जागकर हाथियों से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
मरवाही वनमंडलाधिकारी ग्रीष्मी चांद ने बताया कि हाथियों और ग्रामीणों के बीच टकराव रोकने के लिए वन विभाग ने ठोस कदम उठाए हैं। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के साथ समन्वय कर वन विभाग एवं पुलिस अमला प्रभावित क्षेत्रों में मुनादी कर रहा है और ग्रामीणों को हाथियों के करीब न जाने की हिदायत दी जा रही है। हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी के साथ लोगों को सतर्क किया जा रहा है, ताकि किसी भी तरह की जनहानि को रोका जा सके।
डीएफओ ने कहा कि फसलों के नुकसान की भरपाई शासन के नियमानुसार मुआवजा देकर की जाएगी। साथ ही, हाथी दिवस के अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे पत्थरबाजी जैसी हरकतों से बचें। हाल ही में पत्थरबाजी की एक घटना का वीडियो वायरल हुआ था, जिसे दंडनीय अपराध की श्रेणी में माना गया है।
उन्होंने कहा कि हाथी एक संरक्षित जीव है और वन विभाग मानव एवं हाथियों की सुरक्षा के लिए सतत प्रयासरत है।
