
सरई। दो माह पूर्व बाजार अतिक्रमण को लेकर नापी करते हुये चार दर्जन से ऊपर अतिक्रमण कारियों को चिन्हित कर नोटिस भी दी गई थी। लेकिन आज तक सरई बाजार का अतिक्रमण नही हट पाया। जिसके चलते प्रतिदिन बाजार में अतिक्रमण लग रहा है।
आलम यह है सरई को भले ही नगर परिषद बना दिया गया है, लेकिन सरई पहुंचने पर वहां का दृश्य देख ऐसा लगता है कि किसी गांव क्षेत्र में आये हैं। सड़क क्षतिग्रस्त पड़ी हुई हैं, कई मोहल्लों के नालियों का पता नही हैं, सड़क के अभाव में आमजन मानस का निकलना दुश्वार है। कीचड़ से लथपथ सड़को पर चलना खतरे से खाली नही है, आखिर सरई को नगर परिषद बनाने का क्या मक्सद था। ऐसे में भला सरई परिषद क्षेत्र का विकास कैसे संभव हो पाएगा। इधर बता दें कि दो माह पूर्व सरई बाजार में लग रहे अतिक्रमण को लेकर बाजार में किये गये अतिक्रमण को लेकर विधिवत नापी कराई गई थी और अतिक्रमण कारियों को चिन्हित किया गया था, उस दौरान नोटिस दी गई, लेकिन नोटिस देने के बाद भूल गये। यही नतीजा है कि प्रतिदिन जाम के झाम से लोग परेशान हैं। पुलिस जाम खुलवाने में लगी रहती हैं, लेकिन नतीजा सिफर रहता है।
