
खुरई। उपजेल में रक्षाबंधन के पर्व पर भावुक नज़ारे देखने को मिले, जब बहनें दूर-दराज़ क्षेत्रों से आकर अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने पहुंचीं। सुबह से ही बहनों की टोलियां उपजेल पहुंचने लगीं और भाइयों से मिलकर उनकी आंखें नम हो गईं, जबकि भाई रक्षासूत्र पाकर प्रफुल्लित दिखे। बहनों ने भाइयों से नेक राह पर चलने का वचन लिया। जेलर बृजेंद्र सिंह ठाकुर ने सभी आगंतुकों के लिए संपूर्ण व्यवस्था की, जिससे किसी को असुविधा न हो और सभी की सहजता से मुलाकात हो सके। महिला व पुरुष प्रहरी व्यवस्था संभालते नजर आए। एक बहन ने बताया कि रक्षाबंधन की परंपरा इंद्र-इंद्राणी की कथा से जुड़ी है, जिसमें इंद्र ने रक्षासूत्र के बल पर युद्ध में विजय पाई। तब से यह पर्व भाई-बहन के अटूट बंधन का प्रतीक बन गया है, जिसमें बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र और सुरक्षा की कामना करती हैं।
