
सीहोर। भव्य कावड़ यात्रा इन दिनों श्रद्धालुओं की मौतों और अव्यवस्थाओं के चलते चर्चाओं में है। मंगलवार से गुरुवार तक कुल सात श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जिनमें दो महिलाएं और दो युवा शामिल हैं। भगदड़, घबराहट और हृदयगति रुकने से ये घटनाएं हुईं। बुधवार को पं. प्रदीप मिश्रा की अगुवाई में लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने रिकॉर्ड तो बना दिया, परंतु व्यवस्थाएं नाकाफी रहीं। भोजन, पानी, ठहराव की असुविधा और हाईवे पर घंटों जाम से श्रद्धालु बेहाल रहे।
भीड़भाड़ में कई लोग बिछड़ गए, तीन दर्जन से अधिक गुमशुदगी की सूचना है। वहीं, डीजे पर कार्रवाई में प्रशासन की देर से सक्रियता पर सवाल उठे हैं। आयोजन खत्म होने के बाद आठ डीजे जब्त किए गए। जिला अस्पताल में दो दिन में 80 से अधिक श्रद्धालु लाए गए, लेकिन प्रशासन व समिति जवाब देने से बच रही है। आमजन सोशल मीडिया पर आक्रोश जता रहे हैं और आयोजन की निष्पक्ष समीक्षा की मांग कर रहे हैं।
