दो बार ग्रीन कॉरिडोर बने: हार्ट अहमदाबाद में धड़केगा, लीवर का भोपाल में प्रत्यारोपण

जबलपुर:नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में एक ब्रेन डेड मरीज के अंगदान से मरीजों को नया जीवन मिलने जा रहा है। डुमना से मेडिकल कॉलेज और मेडिकल कॉलेज से डुमना एयरपोर्ट तक गुरुवार सुबह दो बार ग्रीन कॉरिडोर बनाये गए। ब्रेन डेड व्यक्ति के लीवर को प्रत्यारोपण के लिये सिद्धांत सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल भोपाल, हृदय को सी आई एम एम एस अहमदाबाद ले जाने ग्रीन कॉरिडोर बना।

अहमदाबाद से आयी डॉक्टरों की टीम को डुमना एयरपोर्ट से मेडिकल कॉलेज तक लाने सुबह 10.30 बजे ग्रीन कॉरिडोर बना। दूसरी बार लीवर और हार्ट को प्रत्यारोपण के लिये भोपाल एवं अहमदाबाद ले जाने सुबह लगभग 11 बजे मेडिकल कॉलेज से डुमना एयरपोर्ट तक ग्रीन कॉरिडोर बना।जानकारी के मुताबिक सिवनी के घंसौर में सड़क हादसे गंभीर रूप से घायल होने के बाद 34 साल के युवक सत्येंद्र यादव को मेडिकल कॉलेज लाया गया था, जहां बुधवार रात डॉक्टर ने ब्रेनडेड घोषित कर दिया था। मेडिकल डॉक्टरों ने मरीज के स्वजन से बात की और अंगदान के बारे में जानकारी दी। जिसके बाद मरीज के परिजन तैयार हुए और अंगदान की प्रक्रिया पूरी की गई।
क्या है मामला
जबलपुर के सुपर स्पेशलिटी मेडिकल कॉलेज में एक दर्दनाक हादसे में घायल 31 वर्षीय सत्येंद्र यादव को कल रात ब्रेन डेड घोषित किया गया। वह गैस सिलिंडर बांटने का काम करते थे और एक्सीडेंट के बाद उन्हें 5 तारीख को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
दो जिंदगी बचाई जा रहीं
सत्येंद्र यादव के परिवार ने उनके ऑर्गन्स दान करने का निर्णय लिया, जिससे दो लोगों की जिंदगी बचाई जा सके। उनका लिवर भोपाल और हार्ट अहमदाबाद ले जाया गया है।
लाखों लोगों के लिए प्रेरणा
ऑर्गन्स दान करने से न केवल किसी की जिंदगी बचाई जा सकती है, बल्कि यह एक ऐसा कदम है जो मानवता की सच्ची भावना को दर्शाता है। सत्येंद्र यादव के परिवार का यह निर्णय लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।

Next Post

बाइक फिसलकर गिरने से युवक की मौत

Thu Aug 7 , 2025
छतरपुर: छतरपुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 20 वर्षीय युवक सौरभ कुशवाहा की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब सौरभ अपनी मां को बस स्टैंड छोड़ने के बाद घर लौट रहा था। जैसे ही वह गांव की देवी […]

You May Like