नई दिल्ली 05 अगस्त (वार्ता) भारत और फिलीपींस ने द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत बनाने और उन्हें सामरिक साझेदारी में बदलने के उद्देश्य से मंगलवार को चार बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर भारत की यात्रा पर आये फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच यहां द्विपक्षीय वार्ता के बाद इन समझौतों पर हस्ताक्षर किये गये।
पहला समझौता ‘सामरिक साझेदारी की स्थापना पर घोषणा’ है जिसके साथ इसके कार्यान्वयन के लिए एक कार्ययोजना पर भी सहमति बनी है।
दूसरे समझौते में दोनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच रक्षा संवाद को संस्थागत बनाने के लिए संदर्भ की शर्तें शामिल हैं।
तीसरे समझौते में आपराधिक मामलों में पारस्परिक कानूनी सहायता पर एक संधि और सजायाफ्ता मुजरिमों के स्थानांतरण पर एक संधि शामिल है जिसका उद्देश्य कानूनी और न्यायिक मामलों में सहयोग को मज़बूत करना है।
चौथा समझौता 2025-2028 की अवधि के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग का एक कार्यक्रम था जिस पर दोनों देशों के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभागों ने संयुक्त अनुसंधान और नवाचार को सुगम बनाने के लिए हस्ताक्षर किए।
द्विपक्षीय वार्ता के बाद एक संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए श्री मार्कोस ने कहा कि भारत फिलीपींस का पाँचवाँ रणनीतिक साझेदार बन गया है। श्री मार्कोस ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और उन्होंने रक्षा एवं सुरक्षा क्षेत्र में और सहयोग बढाने पर सहमति व्यक्त की है।
उन्होंने कहा, “ आज, भारत फिलीपींस का पाँचवाँ रणनीतिक साझेदार बन गया है। यह नया शिखर हमारे 75 वर्ष पुराने द्विपक्षीय संबंधों के उल्लेखनीय रूप से तेज़ विकास, विस्तार, हमारी अर्थव्यवस्थाओं की मजबूत संभावनाओं और हमारे समय की चुनौतियों तथा अनिवार्यताओं पर हमारे हितों तथा विचारों के बढ़ते समन्वय का प्रमाण है।”
उन्होंने कहा,“ प्रधानमंत्री मोदी और मैंने पिछले एक घंटे में दूरगामी, उत्पादक और दूरदर्शी चर्चाएँ कीं। हम रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में अपने सहयोग को और आगे बढ़ाने पर सहमत हुए।”
श्री मार्कोस ने कहा कि इस यात्रा से वह भारत आने वाले फिलीपींस के पाँचवें राष्ट्रपति बन गये हैं जो अपने पिता के पदचिन्हों पर चल रहे हैं। श्री मार्कोस के पिता 1976 में भारत आने वाले फिलीपींस के पहले राष्ट्रपति थे।
