भोपाल: कांग्रेस ने अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय द्वारा इलेक्ट्रो होम्योपैथी जैसे गैर मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों के संचालन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। इन कोर्सों को न तो आयुष परिषद की मान्यता प्राप्त है और न ही डीईबी से डिस्टेंस एजुकेशन की स्वीकृति ली गई है। बावजूद इसके, विश्वविद्यालय अध्ययन केंद्रों के माध्यम से वर्षों से इन पाठ्यक्रमों का संचालन कर रहा है और 25 हजार रुपये तक की फीस वसूल कर चुका है।
प्रदेश प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने पत्रकार वार्ता कर कहा कि सूचना के अधिकार के तहत विश्वविद्यालय द्वारा दी गई जानकारी में विरोधाभास सामने आया है, जहां एक ओर यह दावा किया गया कि ऐसे पाठ्यक्रम नहीं चलाए जा रहे, वहीं दूसरी ओर फीस संरचना व अध्ययन केंद्रों की संख्या स्पष्ट रूप से बताई गई है। विश्वविद्यालय के पास न तो मान्यता प्राप्त शिक्षक हैं और न ही प्रयोगशालाएं।
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि यह सब विद्यार्थियों के साथ धोखाधड़ी है और इन पाठ्यक्रमों से निकले छात्र बेरोजगारी और झोलाछाप प्रैक्टिस की ओर धकेले जा रहे हैं। संस्था द्वारा अब तक लगभग 173 करोड़ रुपये की फीस वसूली गई है। कांग्रेस ने इस मामले की जांच ईडी या सीबीआई से कराने और जिम्मेदार अधिकारियों की संपत्ति की जांच की मांग की है।
