नयी दिल्ली, 02 अगस्त (वार्ता) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दावा किया है कि भारतीय जनता पार्टी-राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ( भाजपा-आरएसएस) डराने की राजनीति में विश्वास करते हैं और इसी का परिणाम है कि कृषि कानून के विरोध के दौरान उनकी आवाज दबाने के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने उन्हें धमकाया था।
श्री गांधी ने शनिवार को यहां विज्ञान भवन में कांग्रेस विधि विभाग के वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि जब वह कृषि कानूनों को लेकर सरकार की नीतियों का विरोध कर रहे थे तो तत्कालीन केंद्रीय मंत्री जेटली ने उन्हें धमकाया कि यदि विरोध नहीं छोड़ोगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस नेता ने कहा, “मुझे याद है जब मैं कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ रहा था, तो अरुण जेटली को मुझे धमकाने के लिए भेजा गया था।” उन्होंने कहा, “अगर तुम इसी रास्ते पर चलते रहे, कृषि कानूनों को लेकर सरकार का विरोध करते रहे और कृषि कानूनों पर हमसे लड़ते रहे, तो हमें तुम्हारे खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ेगी। मैंने जवाब दिया, मुझे लगता है कि आपको पता नहीं है या आपको अंदाज़ा भी नहीं है कि किससे बात कर रहे हो। हम कांग्रेसी हैं और हम कायर नहीं हैं। हम कभी झुकते नहीं, महाशक्ति अंग्रेज़ भी हमें झुका नहीं सके।”
लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, “मेरे परिवार ने मुझे सिखाया है कि कायरों से मत डरो। सबसे कायरतापूर्ण काम जो आप कर सकते हैं, वह है किसी कायर से डरना है और हम ठीक इसी स्थिति से जूझ रहे हैं। सत्तारूढ़ विचारधारा काफी हद तक कायरता पर आधारित है।”
