
सीहोर। जिला अस्पताल में मरीजों, खासकर रात में आने वाली गर्भवती महिलाओं को भर्ती करने की बजाय सीधे रेफर करने का खेल थम नहीं रहा है.बीती रात बरखेड़ा हसन निवासी गर्भवती महिला अंजू को डिलीवरी के लिए अस्पताल लाया गया, लेकिन ड्यूटी पर मौजूद लेडी डॉक्टर ने उसकी जान को खतरा बताते हुए बिना प्राथमिक उपचार के ही उसे रेफर कर दिया.
महिला के परिजनों ने विधायक सुदेश राय को इसकी जानकारी दी, जिस पर वे रात डेढ़ बजे अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर व स्टाफ को तलब किया.विधायक ने डॉक्टर की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए तत्काल महिला को निजी अस्पताल में भर्ती कराने की व्यवस्था कराई. वहां ऑपरेशन से महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया.
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले विधायक राय ने रोगी कल्याण समिति की बैठक में अस्पताल की अव्यवस्थाओं को लेकर सिविल सर्जन को फटकार लगाई थी और सुधार नहीं होने पर मुख्यमंत्री से शिकायत की चेतावनी दी थी. इसके बावजूद व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं हुआ.
इस बीच यह भी सामने आया कि अस्पताल में सक्रिय निजी अस्पतालों के दलाल रेफर किए गए मरीजों के परिजनों से संपर्क कर उन्हें निजी अस्पतालों में भर्ती कराने का झांसा देते हैं और इसके बदले कमीशन लेते हैं। इससे गरीब मरीजों को आर्थिक और मानसिक नुकसान उठाना पड़ता है.
इस मामले में जब ड्यूटी डॉक्टर संगीता ललवानी से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया. सिविल सर्जन डॉ. प्रवीर गुप्ता ने बताया कि वे इन दिनों भोपाल में हैं और मामले की जानकारी लेकर ही कुछ कह पाएंगे.
