
अमेरिका-पाकिस्तान के बीच ‘ऊर्जा साझेदारी’ का नया अध्याय, भारत के लिए ‘चुनौती’, क्या तेल व्यापार से सुधरेगा ‘संबंधों का संतुलन’?
वाशिंगटन, 31 जुलाई 2025
एक बड़े घटनाक्रम में, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान के साथ एक महत्वपूर्ण तेल समझौता किया है। इस समझौते के तहत, पाकिस्तान में खोजे गए तेल भंडारों के उपयोग और बिक्री को लेकर दोनों देशों के बीच सहमति बनी है। दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप ने इस समझौते के बाद पाकिस्तान के साथ मिलकर भारत में इस तेल को बेचने का सपना दिखाया है, जिससे क्षेत्रीय भू-राजनीतिक समीकरणों में संभावित बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं।
यह समझौता अमेरिका और पाकिस्तान के बीच ऊर्जा साझेदारी के एक नए अध्याय का प्रतीक है, जो पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ-साथ अमेरिका के रणनीतिक हितों को भी साध सकता है। भारत के लिए यह एक नई चुनौती पेश कर सकता है, क्योंकि यह देखना होगा कि इस समझौते का क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा और भारत की तेल आयात नीतियों पर क्या असर पड़ता है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह योजना सफल होती है, तो यह तेल व्यापार भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों के संतुलन को प्रभावित कर सकता है।
