
मोहन बड़ोदिया।मोहन बड़ोदिया विकासखंड के यूईजीएस शाला कोलूखेड़ी का विद्यालय भवन जर्जर हो रहा है, जिसमें दो शिक्षकों पर कुल 11 बच्चे अध्ययन करते हैं. ग्रामीण मेहरबान सिंह भिलाला ने बताया कि विद्यालय भवन में पानी टपक रहा है और छत जर्जर हो रही. छत के सरिए दिख रहे हैं. ऐसे में कोई बड़ा हादसा ना हो जाए, इसलिए ग्रामीण बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं.
मौके पर छात्रा अनुराधा ने बताया कि वो 4थी कक्षा में है और रोज स्कूल आती हैं, किंतु दो दिन से बारिश के चलते स्कूल में छत से मलबा गिरने के चलते उसके पिताजी स्कूल में नहीं भेज रहे. ताकि हादसा ना हो जाए. विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक जितेन्द्र सिंह राजपूत का कहना है कि विभाग के अधिकारियों को विगत दो वर्षों से अवगत करवाते आ रहे हैं. अधिकारियों ने आश्वाशन दिया कि मरम्मत की राशि आ गई है, पर अभी तक खाते में नहीं आई. ग्राउंड जीरो से जब मोहन बड़ोदिया बीआरसी योगेश भावसार से फोन पर बात की गई, तो उनका कहना है कि मुझे जानकारी नहीं है. अपने बताया है, तो विद्यालय को पास के आंगनवाड़ी भवन में शिफ्ट कर दिया जाएगा. लेकिन मौके पर पता चला कि स्कूल से ज्यादा हालत खराब तो आंगनवाड़ी भवन की है.
बिना बीम-कॉलम के बना भवन…
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय भवन का निर्माण हुए ज्यादा समय नहीं हुआ है. भवन भी बिना बीम कॉलम का है. ऐसे में भवन लटक कर गिर सकता है और बड़ा हादसा हो सकता है. इस पर सवाल ये उठता है कि शिक्षा विभाग के जब विद्यालय भवन ही सुरक्षित नहीं है, तो स्कूल में पालक किस विश्वास पर अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में प्रवेश दिलवाएं. फिलहाल मोहन बड़ोदिया बीआरसी ने कहा है कि अभी अस्थाई रूप से विद्यालय गांव में कहीं किराए का मकान लेकर चलाएंगे.
