नयी दिल्ली, 30 जुलाई (वार्ता) लोकसभा में बुधवार को कैंसर तथा इससे पीड़ित रोगियों का मामला उठा और सरकार से कैंसर को लेकर जन जागरूकता बढ़ाने के लिए कदम उठाने और आयुष्मान चिकित्सा योजना की राशि पांच लाख से बढ़ाकर कम से कम 25 लाख किए जाने की मांग की गयी।
कांग्रेस के उज्ज्वल रमण सिंह ने शून्यकाल में यह मामला उठाया और कहा कि कैंसर की बीमारी तेजी से फैल रही है और इसके पीड़ितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यह बीमारी खान-पान और जीवन शैली में बदलाव के कारण खतरनाक रूप ले रही है और कैंसर जैसे घातक रोगियों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। सरकार को इसके लिए लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए विशेष कार्यक्रम चलाने चाहिए और कैंसर रोगियों के हित में आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
श्री सिंह ने कहा कि कैंसर की बीमारी महामारी का रूप ले रही है और आने वाले दिनों में यह सूनामी का रूप लेने वाली है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कैंसर के कई प्रकार के मामलों में वृद्धि देखी गयी है। सभी तरह के कैंसर बच्चों में भी फैल रही है। चिंता जताई गई है कि 2050 तक इसमें 85 प्रतिशत रोगियों की मृत्यु हो सकती है। भारत में इस जटिल बीमारी से बड़ी संख्या में लोग दम तोड़ रही है। लोगों को कैंसर के बारे में जागरूकता प्रदान करने की सख्त जरूरत है। उनका कहना था कि लखनऊ के कैंसर संस्थान तथा प्रयागराज के कमला नेहरू कैंसर संस्थान को भी सरकार मदद दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच लाख रुपए तक चिकित्सा सहायता गरीबों को उपलब्ध कराई जाती है। कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह राशि बहुत कम है और इसलिए इसे बढ़ाकर 25 लख रुपए किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि यह योजना गरीबों की हित के लिए है और कैंसर जैसी घातक बीमारियों के इलाज के लिए इस योजना की राशि को बढ़ाया जाना चाहिए ताकि देश के हर गरीब को इसका लाभ मिल सके।
निर्दलीय विशालदादा प्रकाश बाबू पाटिल ने महाराष्ट्र में अंगूर किसानों का मुद्दा उठाया और कहा कि अंगूर से किसमिस बनता है लेकिन इसका अवैध आयात किया जा रहा है जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसमिस के दाम गिर रहे हैं और चीन की किसमिस नेपाल के रास्ते अवैधरूप से भारत में आ रही है जिसके कारण भारत के अंगूर उत्पादक किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने सरकार से किसमिस का अवैध आयात रोकने और अंगूर उत्पादक किसानों को राहत देने के लिए जरूरी कदम उठाने का आग्रह किया है।
