
ब्यावरा।फसलों के लिए बारिश का होना जरुरी है, बारिश फसलों के लिए वरदान है किंतु विगत दिवस से हो रही लगातार बारिश से अब फसलों पर संकट आ खड़ा हुआ है. खेतों में फसलें जलमग्न होने लगी है.
विदित है कि विगत दिवस से बारिश का क्रम बराबर जारी है. अधिकांश जगहों पर खेतों में पानी भर गया है. फसलें पानी में जलमग्न है. अधिक समय तक पानी में रहने से फसलें पीली होकर कमजोर हो रही है. कुछ जगहों पर सोयाबीन फसल में फूल आना शुरु हुआ था कि जल भराव से फसलों पर संकट आ खड़ा हुआ है.
खाद-बीज में हजारों खर्च कर चुके किसान
हजारों रुपये खर्च कर बीज, खाद की व्यवस्था कर बोवनी की. बोवनी के प्रारंभ में बेहतर बारिश से फसल काफी अच्छी स्थिति में आ पहुंची थी किंतु विगत कुछ दिनों से निरंतर हो रही बारिश ने फसलों को नुकसान पहुंचाना शुरु कर दिया. खेतों में काफी मात्रा में पानी भरा है. कई दिनों से फसलें पानी में डूबी होने से खराब होने लगी है. कुछ दिन ऐसा ही रहा तो पौधे की जड़ को भी नुकसान होने लगेगा.
खेतों में पानी भरा होने से फसलों को नुकसान पहुंच रहा है. पौधा पीला होकर प्रभावित हो रहा है. इसके लिए जल निकास जरुरी है. अधिक समय तक पानी भरा होने से नुकसान की संभावना और बढ़ेगी. खेतों में जमा पानी की निकासी आवश्यक है ताकि फसल को अधिक नुकसान से बचाया जा सके.
एन.एस. हरियाले
वरिष्ठ कृषि अधिकारी, कृषि विभाग ब्यावरा
