
ग्लोबल टाइगर डे 2025 पर विशेष: बाघों की बढ़ती संख्या बनी पर्यटन का केंद्र, वन विभाग की सक्रियता और सामुदायिक सहभागिता से मिली सफलता
ग्वालियर, 29 जुलाई 2025
ग्लोबल टाइगर डे 2025 के अवसर पर, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व बाघ संरक्षण के क्षेत्र में एक अनुकरणीय उदाहरण बनकर उभरा है। बाघों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ-साथ, इस रिजर्व ने जैव विविधता को समृद्ध करने और स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वन विभाग की सक्रिय नीतियों और स्थानीय लोगों की सहभागिता के परिणामस्वरूप, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व न केवल बाघों का एक सुरक्षित ठिकाना बन गया है, बल्कि एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित हुआ है।
बाघों की बढ़ती आबादी ने क्षेत्र में वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा दिया है, जिससे स्थानीय गाइड, होटल व्यवसायी और अन्य सेवा प्रदाताओं के लिए आय के स्रोत खुले हैं। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि प्रभावी संरक्षण प्रयास न केवल वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर सकते हैं। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व का अनुभव अन्य बाघ अभयारण्यों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत है, जो जैव विविधता संरक्षण और सामुदायिक विकास के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। यह उपलब्धि ग्लोबल टाइगर डे के महत्व को और भी बढ़ा देती है, जो दुनिया भर में बाघों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक मंच है।
