उज्जैन। महाकाल की नगरी उज्जैन स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट सोमवार को नागपंचमी पर एक वर्ष में सिर्फ एक दिन के लिए खोले गए। इस विशेष अवसर पर देशभर से श्रद्धालु पहुंचे और सुबह से ही लंबी कतारों में लगकर नागचंद्रेश्वर महादेव के दुर्लभ दर्शन किए।
महाकालेश्वर मंदिर की तीसरी मंजिल पर स्थित यह प्राचीन मंदिर केवल नागपंचमी के दिन ही दर्शनार्थ खुलता है। इस दिन हजारों श्रद्धालु नागराज और शिव के अद्भुत स्वरूप के दर्शन करते हैं, जिसमें शिवलिंग पर नाग की सर्पिल आकृति बनी हुई है।
श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए रविवार रात से ही लाइनें लगना शुरू हो गई थीं। मंदिर प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्था की गई, जिसमें पुलिस और स्वयंसेवकों की तैनाती के साथ श्रद्धालुओं के लिए जल, छाया और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की गई थी।
हर वर्ष की तरह इस बार भी दर्शन के लिए समय सीमा निर्धारित की गई है। नागपंचमी के दिन सुबह 4 बजे से मंदिर के कपाट खोले गए, जो रात 12 बजे तक खुले रहेंगे।
मान्यता है कि नागचंद्रेश्वर महादेव के दर्शन से सर्पदोष, कालसर्प योग और अन्य ग्रह बाधाओं का निवारण होता है। इसी आस्था के साथ भक्तजन वर्षों से इस एक दिवसीय दर्शन का बेसब्री से इंतजार करते हैं।
