नयी दिल्ली, 28 जुलाई (वार्ता) भारतीय डिजिटल भुगतान क्षेत्र में पिछले छह वर्ष में 12,000 लाख करोड़ रुपये के 65,000 करोड़ रुपये से भी अधिक संख्या में डिजिटल भुगतान किए गये।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोक सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी देते हुए कहा कि डिजिटल भुगतान अपनाने के रुझान के बढ़ने से खास कर उन लोगों तक वित्तीय सेवाओं को पहुंचाने के मामले में क्रांति आयी है जिनकों पहले सेवाएं कम मिल रही थीं या वे इनसे वंचित थे।
उन्होंने कहा कि सरकार सभी हितधारकों के साथ मिल कर छोटे और मझोले कस्बों में लोगों के बीच टिडिजट भुगतान के तरीकों को अपनाए जाने को प्रोत्साहित कर रही है। इस काम में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), नेशनल पेमन्ट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई), फिनटेक, बैंक और राज्य सरकारों के सहयोग लिया जा रहा है। रिजर्व बैंक ने भुगतान अवसंरचाना विकास कोष (पीआईडीएफ) बनाया है जो 2021 से काम कर रहा है। यह कोष टीयर 3 से लेकर टीयर 6 शहरों और जम्मू-कश्मीर तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र में डिजिटल भुगतान की अवसंरचाना सुविधाओं के विस्तार के लिए है। इसके माध्यम से इस वर्ष मई के अंत तक ऐसी जगहों में 4.77 डिजिटल टच प्वाइंट लगाए गए थे।
उन्होंने कहा कि 2019-20 से 2024-25 के बीच छह वर्ष में 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के 65,000 से अधिक डिजिटल सौदे किए गए।
श्री चौधरी ने बताया कि आरबीआई ने देश भर में जगह-जगह डिजिट भुगतान के विस्तार के एक सूचकांक आरबीआई-डीपीआई बना रखा है।
