बाढ़ में बही पुलिया के निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

गुना। गुना-अशोकनगर रोड पर स्थित ग्राम टोरिया के ग्रामीणों ने सोमवार को जर्जर और बह चुकी पुलिया के पुनर्निर्माण की मांग को लेकर चक्काजाम कर दिया। यह पुलिया दो वर्ष पूर्व तेज बारिश में बह गई थी, जिसके बाद से गांव का मुख्य मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। सडक़ संपर्क टूटने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर स्कूली बच्चों, महिलाओं और गर्भवती महिलाओं को अत्यधिक परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। ग्रामीण अवध नारायण सहित अन्य लोगों ने बताया कि पंचायत द्वारा बनाई गई पुलिया वर्षा के दौरान दो साल पहले ही बह चुकी थी। तब से लेकर अब तक प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधियों तक गुहार लगाई गई, लेकिन समाधान नहीं निकला। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार कलेक्टर, एसडीएम और स्थानीय विधायक से पुलिया निर्माण की मांग की, यहां तक कि बीते चुनाव का बहिष्कार भी किया था, लेकिन प्रशासनिक दबाव और एफआईआर की धमकी देकर उनसे मतदान करवा लिया गया। उसके बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दिनों में गांव पूरी तरह से टापू जैसा बन जाता है। न तो बच्चे स्कूल जा पा रहे हैं और न ही सब्जी विक्रेता गांव में प्रवेश कर पाते हैं। यहां तक कि ग्रामीण मजदूरी पर भी नहीं जा पा रहे। रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है। स्वास्थ्य आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल तक ले जाना असंभव हो जाता है। गौरतलब है कि महीने भर पूर्व इसी पुलिया के पास एक 80 वर्षीय वृद्ध महिला तेज बहाव में बहकर जान गंवा चुकी है। हाल ही में भी एक अन्य हादसा हुआ, जिसमें एक व्यक्ति बहते-बहते बच गया, लेकिन इस घटना ने ग्रामीणों में और अधिक रोष भर दिया। पुलिया की हालत इतनी दयनीय है कि बारिश के दौरान उस रास्ते से गुजरना जान जोखिम में डालने जैसा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सोमवार को ग्रामीणों ने सडक़ पर बैठकर चक्काजाम कर दिया, जिससे कई घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। जाम की सूचना पर मौके पर पहुंची एसडीएम शिवानी पांडे ने ग्रामीणों से चर्चा की और उन्हें वैकल्पिक मार्ग चालू कराने तथा बारिश के बाद पुलिया का पुनर्निर्माण कराने का आश्वासन दिया। अधिकारियों द्वारा समझाइश के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त किया। गांव के लोगों में अब भी प्रशासन के प्रति अविश्वास बना हुआ है और वे जल्द से जल्द पुलिया निर्माण की मांग पर कार्रवाई चाहते हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कार्यवाही नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

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