
छतरपुर। छतरपुर नगर के मोटे के महावीर मंदिर में एक बार फिर कमलेश बब्बा जु की समाधि को लेकर विवाद गहराने लगा है। सोमवार दोपहर 12 बजे मंदिर परिसर में ‘कब्र हटाओ, मंदिर बचाओ’ और ‘कब्र से होकर मंदिर में आना वर्जित है’ जैसे पोस्टर और बैनर लगाए गए, जिसके बाद मंदिर प्रांगण में तनाव का माहौल बन गया।
स्थानीय श्रद्धालुओं और कुछ धार्मिक संगठनों का कहना है कि मंदिर परिसर में बनी समाधि से श्रद्धालु भ्रमित हो रहे हैं, और पूजा-पाठ की परंपराओं में विकृति आ रही है।
पुजारी का पक्ष: ‘भगवान का स्थान इंसान को न दें’
मंदिर के पुजारी पंडित दिनेश प्रसाद शुक्ला ने बताया कि, “जनता धार्मिक रूप से अनभिज्ञ है और समाधि को पूजनीय मान रही है, जो उचित नहीं है। पहले लोग कब्र पर जाकर पूजा करते हैं और फिर भगवान के दर्शन करते हैं, जो धार्मिक दृष्टिकोण से गलत है। इसी कारण हमने यह विरोध दर्ज कराया है और बोर्ड लगाए हैं।”
स्थानीय प्रशासन की स्थिति
स्थानीय नागरिकों की मांग है कि मंदिर की पवित्रता को बनाए रखने के लिए समाधि को हटाया जाए या वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, जबकि कुछ लोग इसे श्रद्धा का विषय मानकर विरोध का विरोध भी कर रहे हैं।
