
डिंडोरी। प्रशासनिक संवेदनशीलता और ज़मीनी जुड़ाव की मिसाल पेश करते हुए डिंडोरी कलेक्टर नेहा मारव्या सिंह ने सुदूर वनग्राम टांडाटोला का दौरा किया। पहाड़ी, पथरीला और घने जंगलों से घिरे इस गांव तक पहुंचने के लिए उन्होंने दो किलोमीटर पैदल सफर तय किया और एक नदी भी पार की।
उनके इस साहसिक दौरे में पूरा जिला प्रशासनिक अमला भी साथ था। ग्रामीणों ने पहली बार अपने गांव में किसी कलेक्टर को देख उत्साह और आशा से भर गए। गांव में चौपाल लगाकर कलेक्टर ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।
गांववासियों ने सड़क निर्माण, नदी पर पुल, स्कूल खोलने और वन अधिकार पट्टे की मांग प्रमुखता से रखी। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए और आश्वासन दिया कि सभी समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान किया जाएगा।
आईएएस नेहा मारव्या सिंह, जो 2011 बैच की अधिकारी हैं, अपने स्पष्टवादिता और निर्भीक कार्यशैली के लिए जानी जाती हैं। जनता के साथ उनका सीधा संवाद और क्षेत्रीय स्तर पर सक्रियता उन्हें एक जिम्मेदार प्रशासक के रूप में अलग पहचान दिलाती है।
टांडाटोला का यह दौरा न केवल प्रशासनिक जवाबदेही का उदाहरण बना, बल्कि ग्रामीणों और प्रशासन के बीच विश्वास की एक नई बुनियाद भी तैयार कर गया।
