सिंगरौली: जिले में महिला एवं बाल विकास परियोजना (शहरी व ग्रामीण) कार्यालय आज भी नगर पालिक निगम के पुराने, जर्जर और खतरनाक भवन में संचालित हो रहा है। छत से टपकता पानी, दीवारों पर सीलन और खुले बिजली के तार किसी भी दिन जानलेवा हादसे का कारण बन सकते हैं।बारिश में प्लास्टर गिरना आम बात हो गई है और शौचालय की स्थिति इतनी बदहाल है कि कर्मचारियों को भारी परेशानी होती है।
चारों ओर फैली गंदगी, पान की पीक और मच्छर-मक्खियों का आतंक, कामकाज और स्वास्थ्य दोनों पर खतरा बन चुका है। यहां रोजाना दर्जनों कर्मचारी काम करते हैं और महिला कार्यकर्ताओं की बैठकें होती हैं। लाखों का बजट होते हुए भी सुरक्षित और साफ-सुथरे कार्यालय का अभाव दर्शाता है कि यहां जान की चिंता नहीं है। यह दफ्तर कम, डरावना खंडहर अधिक प्रतीत होता है।
