भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता: इन क्षेत्रों को मिलेगा बड़ा फायदा, आर्थिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार, जानें विस्तार से

कृषि, वस्त्र, फार्मा, और सेवा क्षेत्र में बढ़ेगा निर्यात, यूके के बाज़ार में मिलेगी शुल्क-मुक्त पहुँच, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे

नई दिल्ली, 26 जुलाई 2025

भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच हुए ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। इस समझौते से भारत के कई प्रमुख क्षेत्रों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है, जिससे देश की आर्थिक वृद्धि को नई रफ्तार मिलेगी। यह डील न केवल वस्तुओं के व्यापार को बढ़ावा देगी, बल्कि सेवाओं, निवेश और नवाचार के क्षेत्रों में भी नए रास्ते खोलेगी।

कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को इस डील से महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा। भारतीय फल, सब्जियां, अनाज, मसाले, दालें और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों पर ब्रिटेन में शून्य शुल्क लगेगा, जिससे भारतीय किसानों और निर्यातकों के लिए यूके के प्रीमियम बाजार खुलेंगे। विशेष रूप से, झींगा, चाय, कॉफी और तिलहन के निर्यात में भारी वृद्धि की उम्मीद है। हालांकि, भारत ने अपने संवेदनशील क्षेत्रों जैसे डेयरी उत्पाद, सेब, जई और खाद्य तेलों पर कोई शुल्क रियायत नहीं दी है, जिससे घरेलू किसानों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।

वस्त्र और परिधान क्षेत्र के लिए भी यह समझौता गेम-चेंजर साबित होगा। सिले-सिलाए कपड़े (RMG), घरेलू वस्त्र, कालीन और हस्तशिल्प जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों पर ब्रिटेन द्वारा लगाए गए शुल्क हटाए जाने से भारतीय निर्यात को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। इससे लाखों रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। इसी तरह, चमड़ा और जूते उद्योग को भी 16% तक के टैरिफ में छूट मिलने से बड़ा लाभ होगा।

रत्न एवं आभूषण क्षेत्र में सोना, हीरे और आभूषणों पर शून्य शुल्क से भारतीय कारीगरी को वैश्विक मंच पर बढ़ावा मिलेगा। फार्मा और रसायन क्षेत्र में भी निर्यात बढ़ने की उम्मीद है, खासकर जेनेरिक दवाओं और रासायनिक उत्पादों पर कम शुल्क से भारतीय व्यवसायों को प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिलेगी। इसके अतिरिक्त, चिकित्सा उपकरण, ऑटो-पुर्जे, और इंजीनियरिंग सामान पर भी टैरिफ कम होने से निर्यात में वृद्धि होगी।

यह समझौता केवल वस्तुओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सेवा क्षेत्र को भी व्यापक लाभ पहुँचाएगा। कुशल पेशेवरों की अस्थायी आवाजाही आसान होगी, जिससे भारतीय आईटी, वित्तीय और पेशेवर सेवाओं को यूके में बेहतर बाजार पहुंच मिलेगी। कुल मिलाकर, यह मुक्त व्यापार समझौता भारत के निर्यात को बढ़ावा देने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार के अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में मदद मिलेगी।

Next Post

यूरिया खाद की जद्दोजहद: किसानों की दिन का चैन, रात की नींद हराम

Sat Jul 26 , 2025
रायसेन:जिले में यूरिया खाद का संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है।यूरिया उवर्रक की जद्दोजहद में किसानों का दिन का चैन और रात की नींद हराम हो रही है। इधर उपसंचालक कृषि अधिकारी केवी भगत ने कहा कि जिले में यूरिया की किल्लत नहीं होने देंगे।जिले में निजी […]

You May Like