
वर्तमान में 55 सैटेलाइट दे रहे सेवाएँ, मांग में भारी वृद्धि के कारण संख्या बढ़ाना अनिवार्य, 2035 तक अपना स्पेस स्टेशन बनाने का लक्ष्य
नई दिल्ली, 26 जुलाई 2025
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अध्यक्ष वी. नारायणन ने आज एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि भारत अगले तीन वर्षों के भीतर अंतरिक्ष में मौजूद अपने उपग्रहों की संख्या को लगभग तीन गुना बढ़ाने का लक्ष्य रख रहा है। वर्तमान में, भारतीय सैटेलाइटों की संख्या 55 है, जो देश के आम लोगों की विभिन्न सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस घोषणा से यह स्पष्ट होता है कि भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में अपनी क्षमताओं को तेजी से विस्तार दे रहा है।
नारायणन ने जोर दिया कि देश में उपग्रहों की सेवाओं की मांग बहुत अधिक है, और इस बढ़ती आवश्यकता को पूरा करने के लिए नए उपग्रहों का निर्माण और प्रक्षेपण अनिवार्य हो गया है। उन्होंने यह भी बताया कि ISRO इस साल 12 लॉन्च व्हीकल मिशन की योजना बना रहा है, जिसमें नासा-इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार (NISAR) मिशन भी शामिल है, जो 30 जुलाई को लॉन्च होने वाला है। इसके अलावा, भारत 2035 तक अपना स्वयं का अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की दिशा में भी काम कर रहा है, जिसका पहला मॉड्यूल 2028 तक कक्षा में स्थापित कर दिया जाएगा। ये सभी पहलें भारत को वैश्विक अंतरिक्ष शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं, और इससे देश की सुरक्षा, संचार और विकास में भी बड़ा योगदान मिलेगा।
