इंदौर:देश की सीमाओं की चौकसी में 24 घंटे मुस्तैद रहने वाले बीएसएफ के जवानों के साथ शहर की बहनों ने रक्षाबंधन का पर्व बड़े ही आत्मीयता और सम्मान के साथ मनाया. मौका था सहायक प्रशिक्षण केंद्र, बीएसएफ इंदौर में आयोजित एक विशेष रक्षाबंधन समारोह का, जिसमें ‘उमंग महिला परिषद’ की लगभग 100 सदस्यों ने उन जवानों की कलाइयों पर राखियाँ बाँधकर उनके प्रति अपना स्नेह, आभार और सम्मान प्रकट किया.
इस आयोजन में शामिल सभी महिलाओं ने उन वीर सिपाहियों को अपना ‘रक्षाभाई’ मानते हुए राखी बांधी, जो भारत-पाक और भारत-बांग्लादेश की करीब 8000 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर चौबीसों घंटे तैनात रहकर देश की सुरक्षा में संलग्न रहते हैं. रक्षाबंधन जैसे पारिवारिक पर्व पर भी ये जवान अपने घर नहीं जा पाते, ऐसे में यह आयोजन उनके लिए भावनात्मक जुड़ाव और भाईचारे का अनूठा अनुभव बना.
समारोह के दौरान परिषद की सदस्यों ने जवानों के साथ संवाद कर उनका उत्साह भी बढ़ाया. रक्षाबंधन जैसे पारंपरिक पर्व पर सामाजिक सरोकार और देशभक्ति का यह मेल ना केवल जवानों के मनोबल को मजबूत करता है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देता है कि देश की रक्षा में जुटे हर सैनिक का सम्मान और साथ हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है. उमंग महिला परिषद की यह पहल उन हजारों गुमनाम सिपाहियों को समर्पित रही जो सीमाओं पर डटे रहते हैं, ताकि देशवासी अपने त्योहारों को निश्चिंत होकर मना सकें. यह आयोजन एक प्रतीक बन गया रिश्तों की डोर को देशभक्ति से जोड़ने वाला पर्व.
