(प्रियंका सिंह) छतरपुर। एक तरफ प्रशासन स्वच्छता के दावे करता है, दूसरी तरफ ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। छतरपुर का जिला अस्पताल, जहां हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, वहां जाने का रास्ता ही पानी से भरा पड़ा है। अस्पताल के गेट के बाहर गंदा पानी जमा है, जिससे मरीजों और उनके साथ आने वाले परिजनों को काफी दिक्कत हो रही है।
अंदर की स्थिति और भी चिंताजनक है। चारों ओर गंदगी फैली हुई है, तेज बदबू से सांस लेना मुश्किल हो जाता है। मरीज ज़मीन पर ही लेटे रहते हैं और उसी गंदगी के बीच खाना खाते हैं। ये नज़ारा किसी छोटे गांव का नहीं, बल्कि ज़िले के सबसे बड़े अस्पताल का है।
हटवारा स्कूल के गेट पर कचरे का ढेर
छतरपुर के हटवारा मोहल्ला, वार्ड नंबर 31 में स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के बाहर गंदगी का बुरा हाल है। स्कूल के गेट के ठीक सामने कचरे का बड़ा ढेर जमा है। नालियां खुली पड़ी हैं और पूरे इलाके में तेज बदबू फैली हुई है।
बारिश के समय पानी भर जाता है, जिससे कचरा बहकर और फैल जाता है। बच्चों को रोज़ इसी गंदगी के बीच से स्कूल में दाखिल होना पड़ता है, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
स्थानीय निवासी निखिल साहू ने बताया:
“स्कूल के गेट के सामने ही कचरे का ढेर लगा है। यहां हमेशा बदबू आती है, बारिश में पानी भर जाता है। नगरपालिका की गाड़ी कचरा उठाने नहीं आती। बच्चे रोज़ इसी गंदगी के बीच से स्कूल में जाते हैं।”
