
खंडवा।जिले में इस वर्ष मानसून की रफ्तार धीमी रही है। जुलाई के अंत तक जिले में औसत 808 मिमी के मुकाबले सिर्फ 232.4 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जो कि एक चौथाई से भी कम है। पिछले साल इसी अवधि में 354.2 मिमी वर्षा हो चुकी थी।
तहसीलवार आंकड़ों के अनुसार खालवा में सर्वाधिक 318 मिमी और पंधाना में सबसे कम 162 मिमी बारिश दर्ज की गई है। लगातार बारिश न होने से इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर बांधों का जलस्तर सामान्य से कई मीटर नीचे है। इन बांधों में बिजली उत्पादन फिलहाल जबलपुर और बरगी से आए “उधार” के पानी पर निर्भर है।
सावन भी सूखा ही गुजर रहा है, जिससे खरीफ की फसलें प्रभावित हो रही हैं। रबी सीजन के लिए भूजल स्तर भी संतोषजनक नहीं है, ऐसे में किसान वैकल्पिक मूंग की फसल पर विचार कर रहे हैं। जल संकट का असर गुजरात तक देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भादो में भी पर्याप्त वर्षा नहीं हुई, तो नर्मदा परियोजनाओं पर अरबों का नुकसान हो सकता है।
